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माँ कात्यायनी





"" *जय माता दी* "
🙏🙏🙏🙏🙏🙏

---------{ " माँ कात्यायनी " }---------

माँ नवदुर्गा के नवरात्र का छठ्ठा दिन है आया ,
इस दिन माँ कात्यायनी का परचम था लहराया ।

महिषासुर का वध करने माँ ने यह रूप था लिया ,
सूर्य मंडल की अधिष्ठात्री का स्थान ग्रहण था किया ।

ब्रज की गोपियों ने ' कान्हां ' को जब पाना चाहा था ,
माँ कात्यायनी का ही व्रत और पूजन सबने किया था ।

 महर्षि कात्याय की उपासना से प्रसन्न ये हुई थी ,
महर्षि की पुत्री बनके माँ कात्यायनी कहलाई थी ।

स्नेह और शक्ति का बड़ा ही समन्वय है माँ में ,
दुष्टों पर अपना चंद्रहासा खडग चलाया था माँ ने ।

माँ कात्यायनी की पूजा अर्चना है बड़ी ही फलदायी ,
भक्तजनों के जन्मोंजनम के संकट हरने माँ है आई ।

   -- गोविन्द " आनंद "_✍️
****** *जयश्री माँ कात्यायनी मैया* ******







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2 Comments

Mohammed urooj khan

17-Apr-2024 12:02 PM

👌🏾👌🏾👌🏾👌🏾

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hema mohril

15-Apr-2024 08:18 PM

Awesome

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